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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-06-19

लंदन पंचांग — 19 जून 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, मघा नक्षत्र · शुक्रवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 12:30 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 04:55 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 10:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 12:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:42 AM
सूर्यास्त09:21 PM
चन्द्रोदय10:06 AM
चन्द्रास्त12:01 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:28 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:06 AM – 03:54 AM
अमृत काल01:18 AM – 02:51 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:56 AM – 01:01 PM
गुलिक काल06:46 AM – 08:51 AM
यमगण्ड05:11 PM – 07:16 PM
वर्ज्यम्03:58 PM – 05:31 PM
दुर्मुहूर्त11:21 AM – 12:28 PM
दुर्मुहूर्त03:48 PM – 04:54 PM

दिन चौघड़िया

चर04:42 AM – 06:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:46 AM – 08:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:51 AM – 10:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:56 AM – 01:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:01 PM – 03:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:06 PM – 05:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:11 PM – 07:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:16 PM – 09:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग09:21 PM – 10:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:16 PM – 11:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:11 PM – 12:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:06 AM – 01:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:01 AM – 01:56 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:56 AM – 02:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:51 AM – 03:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:46 AM – 04:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle