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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-07-15

लंदन पंचांग — 15 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, पुष्य नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 07:21 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 05:16 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवज्रतक 12:00 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 07:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:01 AM
सूर्यास्त09:12 PM
चन्द्रोदय06:05 AM
चन्द्रास्त10:02 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:25 AM – 04:13 AM
अमृत काल10:30 AM – 11:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:06 PM – 03:07 PM
गुलिक काल11:05 AM – 01:06 PM
यमगण्ड07:02 AM – 09:03 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:34 PM – 01:38 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:19 AM – 10:24 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:01 AM – 07:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:02 AM – 09:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:03 AM – 11:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:05 AM – 01:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:06 PM – 03:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:07 PM – 05:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:09 PM – 07:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:10 PM – 09:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग09:12 PM – 10:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:10 PM – 11:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:09 PM – 12:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:07 AM – 01:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:06 AM – 02:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:05 AM – 03:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:03 AM – 04:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:02 AM – 05:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle