VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2026-08-01
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 06:37 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 3 | तक 04:15 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शोभन | तक 06:53 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 06:23 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:24 AM |
| सूर्यास्त | 08:49 PM |
| चन्द्रोदय | 09:53 PM |
| चन्द्रास्त | 08:25 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:35 PM – 01:37 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:48 AM – 04:36 AM |
| अमृत काल | 08:06 AM – 09:47 AM |
| राहु काल | 09:15 AM – 11:10 AM |
| गुलिक काल | 05:24 AM – 07:19 AM |
| यमगण्ड | 03:02 PM – 04:57 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:30 AM – 10:32 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:40 PM – 04:42 PM |
| काल | 05:24 AM – 07:19 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:19 AM – 09:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:15 AM – 11:10 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:10 AM – 01:06 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:06 PM – 03:02 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:02 PM – 04:57 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:57 PM – 06:53 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:53 PM – 08:49 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 08:49 PM – 09:53 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:53 PM – 10:57 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:57 PM – 12:02 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:02 AM – 01:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:06 AM – 02:10 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:10 AM – 03:15 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:15 AM – 04:19 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:19 AM – 05:24 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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