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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-08-11

लंदन पंचांग — 11 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:39 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 09:23 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 03:30 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धितक 02:21 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:53 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:39 AM
सूर्यास्त08:31 PM
चन्द्रोदय03:32 AM
चन्द्रास्त08:03 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:35 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:03 AM – 04:51 AM
अमृत काल09:19 PM – 10:46 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:48 PM – 06:39 PM
गुलिक काल01:05 PM – 02:56 PM
यमगण्ड09:22 AM – 11:13 AM
वर्ज्यम्12:35 PM – 02:02 PM
दुर्मुहूर्त11:35 AM – 12:35 PM
दुर्मुहूर्त03:33 PM – 04:33 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:39 AM – 07:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:30 AM – 09:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:22 AM – 11:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:13 AM – 01:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:05 PM – 02:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:56 PM – 04:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:48 PM – 06:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:39 PM – 08:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:31 PM – 09:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:39 PM – 10:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:48 PM – 11:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:56 PM – 01:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:05 AM – 02:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:13 AM – 03:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:22 AM – 04:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:30 AM – 05:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle