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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-08-13

लंदन पंचांग — 13 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, मघा नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 04:12 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 12:08 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 07:46 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 04:12 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:42 AM
सूर्यास्त08:27 PM
चन्द्रोदय06:33 AM
चन्द्रास्त08:39 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:35 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:06 AM – 04:54 AM
अमृत काल09:35 PM – 11:05 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:55 PM – 04:45 PM
गुलिक काल09:23 AM – 11:13 AM
यमगण्ड05:42 AM – 07:32 AM
वर्ज्यम्12:33 PM – 02:03 PM
दुर्मुहूर्त02:33 PM – 03:32 PM
दुर्मुहूर्त06:29 PM – 07:28 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:42 AM – 07:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:32 AM – 09:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:23 AM – 11:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:13 AM – 01:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:04 PM – 02:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:55 PM – 04:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:45 PM – 06:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:36 PM – 08:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत08:27 PM – 09:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:36 PM – 10:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:45 PM – 11:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:55 PM – 01:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:04 AM – 02:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:13 AM – 03:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:23 AM – 04:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:32 AM – 05:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle