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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-09-23

लंदन पंचांग — 23 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 06:21 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 06:05 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसुकर्मातक 11:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:21 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:48 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय05:57 PM
चन्द्रास्त02:33 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:12 AM – 06:00 AM
अमृत काल07:52 PM – 09:34 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:52 PM – 02:23 PM
गुलिक काल11:21 AM – 12:52 PM
यमगण्ड08:19 AM – 09:50 AM
वर्ज्यम्09:42 AM – 11:24 AM
अभिजित मुहूर्त12:28 PM – 01:16 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:02 AM – 10:51 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:48 AM – 08:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:19 AM – 09:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:50 AM – 11:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:21 AM – 12:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:52 PM – 02:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:23 PM – 03:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:54 PM – 05:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:25 PM – 06:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:57 PM – 08:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:25 PM – 09:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:54 PM – 11:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:23 PM – 12:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:52 AM – 02:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:21 AM – 03:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:50 AM – 05:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:19 AM – 06:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle