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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-12-11

लंदन पंचांग — 11 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 08:36 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 2तक 09:34 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 05:47 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 07:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:56 AM
सूर्यास्त03:52 PM
चन्द्रोदय10:24 AM
चन्द्रास्त05:32 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:38 AM – 12:09 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:20 AM – 07:08 AM
अमृत काल06:05 PM – 07:53 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:54 AM – 11:54 AM
गुलिक काल08:55 AM – 09:55 AM
यमगण्ड01:53 PM – 02:52 PM
वर्ज्यम्07:14 AM – 09:02 AM
दुर्मुहूर्त11:06 AM – 11:38 AM
दुर्मुहूर्त01:13 PM – 01:45 PM

दिन चौघड़िया

चर07:56 AM – 08:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:55 AM – 09:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:55 AM – 10:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:54 AM – 11:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:54 AM – 12:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:53 PM – 01:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:53 PM – 02:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:52 PM – 03:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग03:52 PM – 05:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:52 PM – 07:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:53 PM – 09:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:53 PM – 11:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:54 PM – 01:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:54 AM – 03:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:55 AM – 05:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:55 AM – 07:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle