VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2026-12-12
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 08:36 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 2 | तक 12:42 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | ध्रुव | तक 06:44 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 08:36 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:57 AM |
| सूर्यास्त | 03:52 PM |
| चन्द्रोदय | 10:51 AM |
| चन्द्रास्त | 06:43 PM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:38 AM – 12:10 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 06:21 AM – 07:09 AM |
| अमृत काल | 07:25 PM – 09:13 PM |
| राहु काल | 09:55 AM – 10:55 AM |
| गुलिक काल | 07:57 AM – 08:56 AM |
| यमगण्ड | 12:53 PM – 01:53 PM |
| वर्ज्यम् | 08:34 AM – 10:22 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:03 AM – 10:35 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:13 PM – 01:45 PM |
| काल | 07:57 AM – 08:56 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:56 AM – 09:55 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:55 AM – 10:55 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:55 AM – 11:54 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:54 AM – 12:53 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:53 PM – 01:53 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:53 PM – 02:52 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:52 PM – 03:52 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 03:52 PM – 05:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:52 PM – 07:53 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:53 PM – 09:53 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:53 PM – 11:54 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:54 PM – 01:55 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:55 AM – 03:55 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:55 AM – 05:56 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:56 AM – 07:57 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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