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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-12-19

लंदन पंचांग — 19 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, रेवती नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 04:39 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 4तक 10:28 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगपरिघतक 02:40 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 04:39 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:02 AM
सूर्यास्त03:53 PM
चन्द्रोदय12:29 PM
चन्द्रास्त02:09 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:26 AM – 07:14 AM
अमृत काल10:09 AM – 11:43 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:59 AM – 10:58 AM
गुलिक काल08:02 AM – 09:00 AM
यमगण्ड12:56 PM – 01:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:07 AM – 10:39 AM
दुर्मुहूर्त01:16 PM – 01:47 PM

दिन चौघड़िया

काल08:02 AM – 09:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:00 AM – 09:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:59 AM – 10:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:58 AM – 11:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:57 AM – 12:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:56 PM – 01:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:55 PM – 02:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:54 PM – 03:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ03:53 PM – 05:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:54 PM – 07:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:55 PM – 09:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:56 PM – 11:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:57 PM – 01:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:58 AM – 03:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 AM – 06:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:00 AM – 08:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle