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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-12-21

लंदन पंचांग — 21 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 12:06 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 07:39 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 08:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 12:06 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:03 AM
सूर्यास्त03:54 PM
चन्द्रोदय01:16 PM
चन्द्रास्त05:00 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:27 AM – 07:15 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:01 AM – 10:00 AM
गुलिक काल12:57 PM – 01:56 PM
यमगण्ड10:59 AM – 11:58 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:14 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त01:48 PM – 02:19 PM

दिन चौघड़िया

अमृत08:03 AM – 09:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:01 AM – 10:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:00 AM – 10:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:59 AM – 11:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:58 AM – 12:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:57 PM – 01:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:56 PM – 02:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:55 PM – 03:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर03:54 PM – 05:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:55 PM – 07:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:56 PM – 09:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:57 PM – 11:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:58 PM – 01:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:59 AM – 04:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:00 AM – 06:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:01 AM – 08:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle