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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-12-20

लंदन पंचांग — 20 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 02:45 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 4तक 09:25 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशिवतक 11:37 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 02:45 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:03 AM
सूर्यास्त03:53 PM
चन्द्रोदय12:48 PM
चन्द्रास्त03:32 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:27 AM – 07:15 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:54 PM – 03:53 PM
गुलिक काल01:55 PM – 02:54 PM
यमगण्ड11:58 AM – 12:56 PM
वर्ज्यम्07:42 AM – 09:13 AM
दुर्मुहूर्त02:50 PM – 03:21 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग08:03 AM – 09:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:01 AM – 10:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:00 AM – 10:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:59 AM – 11:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:58 AM – 12:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:56 PM – 01:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:55 PM – 02:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:54 PM – 03:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ03:53 PM – 05:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:54 PM – 07:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:55 PM – 09:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:56 PM – 11:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:58 PM – 01:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:59 AM – 04:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:00 AM – 06:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:01 AM – 08:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle