VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-12-31

लंदन पंचांग — 31 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, हस्त नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 07:02 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रहस्त · पाद 4तक 10:43 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशोभनतक 06:56 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:02 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:06 AM
सूर्यास्त04:01 PM
चन्द्रोदय12:51 AM
चन्द्रास्त11:17 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:30 AM – 07:18 AM
अमृत काल06:36 AM – 08:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:02 PM – 02:02 PM
गुलिक काल10:04 AM – 11:04 AM
यमगण्ड08:06 AM – 09:05 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:51 PM – 01:22 PM
दुर्मुहूर्त02:57 PM – 03:29 PM

दिन चौघड़िया

शुभ08:06 AM – 09:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:05 AM – 10:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:04 AM – 11:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:04 AM – 12:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 PM – 01:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:02 PM – 02:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:02 PM – 03:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:01 PM – 04:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:01 PM – 06:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:01 PM – 08:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:02 PM – 10:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:02 PM – 12:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 AM – 02:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:04 AM – 04:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:04 AM – 06:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:05 AM – 08:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle