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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-12-29

लंदन पंचांग — 29 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 07:55 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 10:13 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगआयुष्मान्तक 10:00 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 07:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:06 AM
सूर्यास्त03:59 PM
चन्द्रोदय11:33 PM
चन्द्रास्त10:52 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:30 AM – 07:18 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:00 PM – 02:59 PM
गुलिक काल12:02 PM – 01:01 PM
यमगण्ड10:04 AM – 11:03 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:15 AM – 11:46 AM
दुर्मुहूर्त01:21 PM – 01:52 PM

दिन चौघड़िया

रोग08:06 AM – 09:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 AM – 10:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:04 AM – 11:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:03 AM – 12:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:02 PM – 01:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:01 PM – 02:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:00 PM – 02:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:59 PM – 03:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल03:59 PM – 05:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:59 PM – 08:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:00 PM – 10:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:01 PM – 12:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:02 AM – 02:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:03 AM – 04:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:04 AM – 06:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:05 AM – 08:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle