VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2027-01-05
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 03:10 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा · पाद 2 | तक 09:37 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | गण्ड | तक 07:13 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 03:10 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 08:05 AM |
| सूर्यास्त | 04:07 PM |
| चन्द्रोदय | 06:55 AM |
| चन्द्रास्त | 01:23 PM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | धनु |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · हेमन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 AM – 12:22 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 06:29 AM – 07:17 AM |
| अमृत काल | 01:50 PM – 03:38 PM |
| राहु काल | 02:06 PM – 03:06 PM |
| गुलिक काल | 12:06 PM – 01:06 PM |
| यमगण्ड | 10:05 AM – 11:05 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:17 AM – 11:49 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:26 PM – 01:58 PM |
| रोग | 08:05 AM – 09:05 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:05 AM – 10:05 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:05 AM – 11:05 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:05 AM – 12:06 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:06 PM – 01:06 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:06 PM – 02:06 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:06 PM – 03:06 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:06 PM – 04:07 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 04:07 PM – 06:06 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:06 PM – 08:06 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:06 PM – 10:06 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:06 PM – 12:06 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:06 AM – 02:05 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:05 AM – 04:05 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:05 AM – 06:05 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:05 AM – 08:05 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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