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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-01-12

लंदन पंचांग — 12 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 07:32 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 02:44 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 12:27 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 06:50 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:02 AM
सूर्यास्त04:16 PM
चन्द्रोदय09:57 AM
चन्द्रास्त09:23 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:26 AM – 07:14 AM
अमृत काल08:54 AM – 10:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:12 PM – 03:14 PM
गुलिक काल12:09 PM – 01:10 PM
यमगण्ड10:05 AM – 11:07 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:19 AM – 11:52 AM
दुर्मुहूर्त01:31 PM – 02:04 PM

दिन चौघड़िया

रोग08:02 AM – 09:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:03 AM – 10:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:05 AM – 11:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:07 AM – 12:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:09 PM – 01:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:10 PM – 02:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:12 PM – 03:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:14 PM – 04:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:16 PM – 06:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:14 PM – 08:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:12 PM – 10:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:10 PM – 12:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:09 AM – 02:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:07 AM – 04:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:05 AM – 06:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:03 AM – 08:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle