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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-01-14

लंदन पंचांग — 14 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 08:29 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 05:49 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगपरिघतक 11:52 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 08:29 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:00 AM
सूर्यास्त04:19 PM
चन्द्रोदय10:20 AM
चन्द्रास्त11:51 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:24 AM – 07:12 AM
अमृत काल02:48 PM – 04:28 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:11 PM – 02:14 PM
गुलिक काल10:04 AM – 11:07 AM
यमगण्ड08:00 AM – 09:02 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:59 PM – 01:32 PM
दुर्मुहूर्त03:12 PM – 03:45 PM

दिन चौघड़िया

शुभ08:00 AM – 09:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:02 AM – 10:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:04 AM – 11:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:07 AM – 12:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:09 PM – 01:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:11 PM – 02:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:14 PM – 03:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:16 PM – 04:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:19 PM – 06:16 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:16 PM – 08:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:14 PM – 10:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:11 PM – 12:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:09 AM – 02:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 AM – 04:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:04 AM – 06:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:02 AM – 08:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle