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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-01-11

लंदन पंचांग — 11 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 08:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 05:59 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 12:23 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसिद्धितक 12:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 05:02 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय08:02 AM
सूर्यास्त04:15 PM
चन्द्रोदय09:45 AM
चन्द्रास्त08:11 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:26 AM – 07:14 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:03 AM – 10:05 AM
गुलिक काल01:10 PM – 02:11 PM
यमगण्ड11:06 AM – 12:08 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:24 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:03 PM – 02:36 PM

दिन चौघड़िया

अमृत08:02 AM – 09:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:03 AM – 10:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:05 AM – 11:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:06 AM – 12:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:08 PM – 01:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:10 PM – 02:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:11 PM – 03:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:13 PM – 04:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:15 PM – 06:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:13 PM – 08:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:11 PM – 10:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:10 PM – 12:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:08 AM – 02:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:06 AM – 04:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 AM – 06:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:03 AM – 08:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle