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VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2026-10-31

लॉस एंजिल्स पंचांग — 31 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शनिवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 02:22 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 3तक 05:09 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 02:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:22 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:12 AM
सूर्यास्त06:01 PM
चन्द्रोदय11:29 PM
चन्द्रास्त01:07 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 12:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल04:06 PM – 05:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:54 AM – 11:15 AM
गुलिक काल07:12 AM – 08:33 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:18 PM
वर्ज्यम्07:05 AM – 08:35 AM
दुर्मुहूर्त10:05 AM – 10:48 AM
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:07 PM

दिन चौघड़िया

काल07:12 AM – 08:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:33 AM – 09:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:54 AM – 11:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:15 AM – 12:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:36 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:18 PM – 04:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:39 PM – 06:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:01 PM – 07:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:39 PM – 09:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:18 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:36 AM – 02:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:15 AM – 03:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:54 AM – 05:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:33 AM – 07:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle