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VedicSpaceपंचांगलॉस एंजिल्स › 2026-11-01

लॉस एंजिल्स पंचांग — 1 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · कैलिफ़ोर्निया (34.0522°, -118.2437°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लॉस एंजिल्स (34.0522°, -118.2437°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 12:41 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 04:00 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशुभतक 11:36 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:28 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त06:00 PM
चन्द्रोदय12:38 AM
चन्द्रास्त01:48 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 12:58 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल11:06 AM – 12:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:39 PM – 06:00 PM
गुलिक काल03:18 PM – 04:39 PM
यमगण्ड12:36 PM – 01:57 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:33 PM – 05:16 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:13 AM – 08:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:33 AM – 09:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:54 AM – 11:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:15 AM – 12:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:36 PM – 01:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:57 PM – 03:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:18 PM – 04:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:39 PM – 06:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:00 PM – 07:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:39 PM – 09:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:18 PM – 10:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:57 PM – 12:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:36 AM – 02:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:15 AM – 03:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:54 AM – 05:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:33 AM – 07:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle