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VedicSpaceपंचांगमथुरा › 2027-02-07

मथुरा पंचांग — 7 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (27.4924°, 77.6737°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मथुरा (27.4924°, 77.6737°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 11:27 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 11:49 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवरीयान्तक 09:41 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 10:29 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त06:05 PM
चन्द्रोदय07:25 AM
चन्द्रास्त06:42 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल01:23 PM – 03:09 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:42 PM – 06:05 PM
गुलिक काल03:19 PM – 04:42 PM
यमगण्ड12:33 PM – 01:56 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:36 PM – 05:20 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:02 AM – 08:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:24 AM – 09:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 AM – 11:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:10 AM – 12:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:33 PM – 01:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:56 PM – 03:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:19 PM – 04:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:42 PM – 06:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:05 PM – 07:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:42 PM – 09:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:19 PM – 10:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:56 PM – 12:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:33 AM – 02:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:10 AM – 03:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:47 AM – 05:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:24 AM – 07:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle