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VedicSpaceपंचांगमस्कट › 2027-04-10

मस्कट पंचांग — 10 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · (23.588°, 58.3829°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मस्कट (23.588°, 58.3829°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 10:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 02:37 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगआयुष्मान्तक 08:51 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 11:07 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय08:00 AM
चन्द्रास्त10:01 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल12:10 PM – 01:41 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:59 AM – 10:33 AM
गुलिक काल05:50 AM – 07:24 AM
यमगण्ड01:42 PM – 03:17 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:11 AM – 10:02 AM
दुर्मुहूर्त02:14 PM – 03:04 PM

दिन चौघड़िया

काल05:50 AM – 07:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:24 AM – 08:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:59 AM – 10:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:33 AM – 12:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:08 PM – 01:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 PM – 03:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:17 PM – 04:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:51 PM – 06:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:26 PM – 07:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:51 PM – 09:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:17 PM – 10:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:42 PM – 12:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:08 AM – 01:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:33 AM – 02:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:59 AM – 04:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:24 AM – 05:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle