VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-10-03

मैसूरु पंचांग — 3 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 08:00 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 01:29 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 03:21 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 08:00 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त06:12 PM
चन्द्रोदय12:13 AM
चन्द्रास्त12:26 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल04:17 PM – 05:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:12 AM – 10:42 AM
गुलिक काल06:12 AM – 07:42 AM
यमगण्ड01:42 PM – 03:12 PM
वर्ज्यम्07:15 AM – 08:45 AM
दुर्मुहूर्त09:24 AM – 10:12 AM
दुर्मुहूर्त02:12 PM – 03:00 PM

दिन चौघड़िया

काल06:12 AM – 07:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:42 AM – 09:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:12 AM – 10:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:42 AM – 12:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:12 PM – 01:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 PM – 03:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:12 PM – 04:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:42 PM – 06:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:12 PM – 07:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:42 PM – 09:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:12 PM – 10:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:42 PM – 12:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:12 AM – 01:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:42 AM – 03:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:12 AM – 04:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:42 AM – 06:12 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle