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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-12-22

मैसूरु पंचांग — 22 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 02:24 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 10:45 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसाध्यतक 09:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:24 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त06:04 PM
चन्द्रोदय04:19 PM
चन्द्रास्त04:28 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल09:17 AM – 10:42 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:13 PM – 04:38 PM
गुलिक काल12:22 PM – 01:47 PM
यमगण्ड09:31 AM – 10:56 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:13 AM – 11:59 AM
दुर्मुहूर्त02:16 PM – 03:01 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:40 AM – 08:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:05 AM – 09:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:31 AM – 10:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:56 AM – 12:22 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:22 PM – 01:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:47 PM – 03:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:13 PM – 04:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:38 PM – 06:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:04 PM – 07:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:38 PM – 09:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:13 PM – 10:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 PM – 12:22 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:22 AM – 01:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:56 AM – 03:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:31 AM – 05:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:05 AM – 06:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle