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VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2026-12-24

मैसूरु पंचांग — 24 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · गुरुवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 06:58 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 01:47 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुक्लतक 12:51 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 06:58 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त06:05 PM
चन्द्रोदय06:34 PM
चन्द्रास्त06:44 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल05:44 PM – 07:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:48 PM – 03:13 PM
गुलिक काल09:31 AM – 10:56 AM
यमगण्ड06:40 AM – 08:05 AM
वर्ज्यम्09:23 AM – 10:46 AM
दुर्मुहूर्त01:31 PM – 02:16 PM
दुर्मुहूर्त04:33 PM – 05:19 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:40 AM – 08:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:05 AM – 09:31 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:31 AM – 10:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:56 AM – 12:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:22 PM – 01:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:48 PM – 03:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:13 PM – 04:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:39 PM – 06:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:05 PM – 07:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:39 PM – 09:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:13 PM – 10:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:48 PM – 12:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:22 AM – 01:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:56 AM – 03:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:31 AM – 05:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:05 AM – 06:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle