VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगमैसूरु › 2027-04-13

मैसूरु पंचांग — 13 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · कर्नाटक (12.2958°, 76.6394°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना मैसूरु (12.2958°, 76.6394°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 05:29 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 12:13 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 01:59 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 06:32 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:13 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय11:41 AM
चन्द्रास्त12:49 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:37 AM – 05:25 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:30 PM – 05:03 PM
गुलिक काल12:24 PM – 01:57 PM
यमगण्ड09:18 AM – 10:51 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:10 AM – 11:59 AM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:17 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:13 AM – 07:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:45 AM – 09:18 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:18 AM – 10:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:51 AM – 12:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:24 PM – 01:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:57 PM – 03:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:30 PM – 05:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:03 PM – 06:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:36 PM – 08:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:03 PM – 09:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:30 PM – 10:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 PM – 12:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:24 AM – 01:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:51 AM – 03:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:18 AM – 04:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:45 AM – 06:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle