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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-08-08

न्यूयॉर्क पंचांग — 8 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शनिवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 01:35 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 4तक 07:21 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्याघाततक 08:08 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 03:04 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त08:03 PM
चन्द्रोदय12:56 AM
चन्द्रास्त04:59 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:32 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:23 AM – 05:11 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:30 AM – 11:15 AM
गुलिक काल05:59 AM – 07:44 AM
यमगण्ड02:46 PM – 04:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:44 AM – 10:40 AM
दुर्मुहूर्त03:21 PM – 04:17 PM

दिन चौघड़िया

काल05:59 AM – 07:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:44 AM – 09:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:30 AM – 11:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:15 AM – 01:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:01 PM – 02:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 PM – 04:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:32 PM – 06:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:17 PM – 08:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ08:03 PM – 09:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:17 PM – 10:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:32 PM – 11:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:46 PM – 01:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:01 AM – 02:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:15 AM – 03:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:30 AM – 04:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:44 AM – 05:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle