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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-08-11

न्यूयॉर्क पंचांग — 11 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 04:23 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 10:30 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धितक 09:21 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 04:23 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:02 AM
सूर्यास्त07:59 PM
चन्द्रोदय04:29 AM
चन्द्रास्त07:29 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:32 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:26 AM – 05:14 AM
अमृत काल04:42 PM – 06:09 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:29 PM – 06:14 PM
गुलिक काल01:00 PM – 02:45 PM
यमगण्ड09:31 AM – 11:15 AM
वर्ज्यम्07:57 AM – 09:24 AM
दुर्मुहूर्त11:36 AM – 12:32 PM
दुर्मुहूर्त03:20 PM – 04:15 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:02 AM – 07:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:46 AM – 09:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:31 AM – 11:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:15 AM – 01:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:00 PM – 02:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:45 PM – 04:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:29 PM – 06:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:14 PM – 07:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:59 PM – 09:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:14 PM – 10:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:29 PM – 11:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:45 PM – 01:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:00 AM – 02:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:15 AM – 03:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:31 AM – 04:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:46 AM – 06:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle