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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-09-10

न्यूयॉर्क पंचांग — 10 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 11:27 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:46 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 09:47 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 12:12 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय05:55 AM
चन्द्रास्त06:51 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:56 AM – 05:44 AM
अमृत काल10:07 PM – 11:39 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:28 PM – 04:03 PM
गुलिक काल09:42 AM – 11:17 AM
यमगण्ड06:32 AM – 08:07 AM
वर्ज्यम्12:50 PM – 02:23 PM
दुर्मुहूर्त02:09 PM – 03:00 PM
दुर्मुहूर्त05:32 PM – 06:23 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:32 AM – 08:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:07 AM – 09:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:42 AM – 11:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:17 AM – 12:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 PM – 02:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:28 PM – 04:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:03 PM – 05:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:38 PM – 07:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:14 PM – 08:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:38 PM – 10:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:03 PM – 11:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:28 PM – 12:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:53 AM – 02:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:17 AM – 03:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:42 AM – 05:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:07 AM – 06:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle