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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-09-08

न्यूयॉर्क पंचांग — 8 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 03:01 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 4तक 07:09 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगपरिघतक 03:10 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 04:05 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय03:26 AM
चन्द्रास्त05:59 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:54 AM – 05:42 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:05 PM – 05:41 PM
गुलिक काल12:53 PM – 02:29 PM
यमगण्ड09:41 AM – 11:17 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:36 AM – 12:27 PM
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:52 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:30 AM – 08:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:05 AM – 09:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:41 AM – 11:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:17 AM – 12:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:53 PM – 02:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:29 PM – 04:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 PM – 05:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:41 PM – 07:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:17 PM – 08:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:41 PM – 10:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:05 PM – 11:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:29 PM – 12:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:53 AM – 02:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:17 AM – 03:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:41 AM – 05:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:05 AM – 06:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle