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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-09-15

न्यूयॉर्क पंचांग — 15 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 11:29 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 07:52 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवैधृतितक 02:52 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 10:47 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त07:05 PM
चन्द्रोदय11:37 AM
चन्द्रास्त08:56 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:26 PM – 01:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल10:57 PM – 12:41 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:58 PM – 05:31 PM
गुलिक काल12:51 PM – 02:24 PM
यमगण्ड09:44 AM – 11:17 AM
वर्ज्यम्12:32 PM – 02:16 PM
दुर्मुहूर्त11:36 AM – 12:26 PM
दुर्मुहूर्त02:55 PM – 03:45 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:37 AM – 08:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:10 AM – 09:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:44 AM – 11:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:17 AM – 12:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:51 PM – 02:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:24 PM – 03:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:58 PM – 05:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:31 PM – 07:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:05 PM – 08:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:31 PM – 09:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:58 PM – 11:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:24 PM – 12:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:51 AM – 02:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:17 AM – 03:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:44 AM – 05:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:10 AM – 06:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle