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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-09-19

न्यूयॉर्क पंचांग — 19 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 08:22 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 04:13 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसौभाग्यतक 05:52 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 07:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त06:58 PM
चन्द्रोदय03:25 PM
चन्द्रास्त12:02 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:24 PM – 01:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल09:41 AM – 11:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:44 AM – 11:16 AM
गुलिक काल06:40 AM – 08:12 AM
यमगण्ड02:21 PM – 03:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:56 AM – 10:46 AM
दुर्मुहूर्त02:52 PM – 03:41 PM

दिन चौघड़िया

काल06:40 AM – 08:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:12 AM – 09:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:44 AM – 11:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:16 AM – 12:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:49 PM – 02:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:21 PM – 03:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:53 PM – 05:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:25 PM – 06:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:58 PM – 08:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:25 PM – 09:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:53 PM – 11:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:21 PM – 12:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:49 AM – 02:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:16 AM – 03:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:44 AM – 05:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:12 AM – 06:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle