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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-01

न्यूयॉर्क पंचांग — 1 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · गुरुवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 12:45 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 2तक 06:57 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धितक 11:48 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:55 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:52 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय09:43 PM
चन्द्रास्त12:41 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:21 PM – 01:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:16 AM – 06:04 AM
अमृत काल04:50 PM – 06:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:13 PM – 03:41 PM
गुलिक काल09:48 AM – 11:16 AM
यमगण्ड06:52 AM – 08:20 AM
वर्ज्यम्12:21 PM – 01:50 PM
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:42 PM
दुर्मुहूर्त05:03 PM – 05:50 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:52 AM – 08:20 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:20 AM – 09:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:48 AM – 11:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:16 AM – 12:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:45 PM – 02:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:13 PM – 03:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:41 PM – 05:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:09 PM – 06:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:38 PM – 08:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:09 PM – 09:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:41 PM – 11:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:13 PM – 12:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:45 AM – 02:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:16 AM – 03:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:48 AM – 05:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:20 AM – 06:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle