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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-03

न्यूयॉर्क पंचांग — 3 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 08:22 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 03:59 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगपरिघतक 03:02 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 09:25 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त06:35 PM
चन्द्रोदय11:58 PM
चन्द्रास्त02:41 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:21 PM – 01:07 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:18 AM – 06:06 AM
अमृत काल07:28 AM – 08:58 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:49 AM – 11:16 AM
गुलिक काल06:54 AM – 08:21 AM
यमगण्ड02:12 PM – 03:39 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:00 AM – 10:47 AM
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:28 PM

दिन चौघड़िया

काल06:54 AM – 08:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:21 AM – 09:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:49 AM – 11:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:16 AM – 12:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:44 PM – 02:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:12 PM – 03:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:39 PM – 05:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:07 PM – 06:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:35 PM – 08:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:07 PM – 09:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:39 PM – 11:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:12 PM – 12:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:44 AM – 02:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:16 AM – 03:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:49 AM – 05:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:21 AM – 06:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle