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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-13

न्यूयॉर्क पंचांग — 13 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 01:58 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 04:13 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगप्रीतितक 10:53 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:58 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय10:26 AM
चन्द्रास्त07:29 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:19 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:29 AM – 06:17 AM
अमृत काल07:46 AM – 09:30 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:30 PM – 04:54 PM
गुलिक काल12:42 PM – 02:06 PM
यमगण्ड09:53 AM – 11:17 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:34 AM – 12:19 PM
दुर्मुहूर्त02:34 PM – 03:19 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:05 AM – 08:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:29 AM – 09:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:53 AM – 11:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:17 AM – 12:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:42 PM – 02:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:06 PM – 03:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:30 PM – 04:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:54 PM – 06:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:19 PM – 07:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:54 PM – 09:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:30 PM – 11:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:06 PM – 12:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:42 AM – 02:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:17 AM – 03:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:53 AM – 05:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:29 AM – 07:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle