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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-16

न्यूयॉर्क पंचांग — 16 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, मूल नक्षत्र · शुक्रवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 08:24 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 12:17 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 12:35 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त06:14 PM
चन्द्रोदय01:18 PM
चन्द्रास्त09:51 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:18 PM – 01:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM – 06:20 AM
अमृत काल06:13 PM – 08:01 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:17 AM – 12:41 PM
गुलिक काल08:31 AM – 09:54 AM
यमगण्ड03:27 PM – 04:50 PM
वर्ज्यम्07:24 AM – 09:12 AM
दुर्मुहूर्त11:34 AM – 12:18 PM
दुर्मुहूर्त02:32 PM – 03:16 PM

दिन चौघड़िया

चर07:08 AM – 08:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:31 AM – 09:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:54 AM – 11:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:17 AM – 12:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:41 PM – 02:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:04 PM – 03:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:27 PM – 04:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:50 PM – 06:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:14 PM – 07:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:50 PM – 09:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:27 PM – 11:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:04 PM – 12:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:41 AM – 02:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:17 AM – 03:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:54 AM – 05:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:31 AM – 07:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle