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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-18

न्यूयॉर्क पंचांग — 18 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 01:22 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 06:08 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसुकर्मातक 02:26 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:12 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त06:11 PM
चन्द्रोदय02:37 PM
चन्द्रास्त11:53 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:18 PM – 01:02 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM – 06:22 AM
अमृत काल12:09 AM – 01:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:48 PM – 06:11 PM
गुलिक काल03:25 PM – 04:48 PM
यमगण्ड12:40 PM – 02:03 PM
वर्ज्यम्01:26 PM – 03:13 PM
दुर्मुहूर्त04:42 PM – 05:26 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:10 AM – 08:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:32 AM – 09:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:55 AM – 11:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:17 AM – 12:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:40 PM – 02:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:03 PM – 03:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:25 PM – 04:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:48 PM – 06:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:11 PM – 07:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:48 PM – 09:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:25 PM – 11:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:03 PM – 12:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:40 AM – 02:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:17 AM – 03:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:55 AM – 05:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:32 AM – 07:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle