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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-10-25

न्यूयॉर्क पंचांग — 25 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, रेवती नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 12:11 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररेवती · पाद 4तक 09:52 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 07:52 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 01:22 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:18 AM
सूर्यास्त06:01 PM
चन्द्रोदय05:31 PM
चन्द्रास्त06:35 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:18 PM – 01:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:42 AM – 06:30 AM
अमृत काल08:54 AM – 10:25 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:40 PM – 06:01 PM
गुलिक काल03:20 PM – 04:40 PM
यमगण्ड12:39 PM – 01:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:35 PM – 05:18 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:18 AM – 08:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:38 AM – 09:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:58 AM – 11:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:19 AM – 12:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 PM – 01:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:59 PM – 03:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:20 PM – 04:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:40 PM – 06:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:01 PM – 07:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:40 PM – 09:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:20 PM – 10:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:59 PM – 12:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:39 AM – 02:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 AM – 03:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:58 AM – 05:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:38 AM – 07:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle