VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2026-11-15

न्यूयॉर्क पंचांग — 15 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 03:31 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 12:59 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगगण्डतक 08:46 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 03:31 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त04:38 PM
चन्द्रोदय12:06 PM
चन्द्रास्त09:44 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:20 AM – 12:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM – 05:55 AM
अमृत काल06:29 AM – 08:17 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:23 PM – 04:38 PM
गुलिक काल02:09 PM – 03:23 PM
यमगण्ड11:40 AM – 12:54 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:18 PM – 03:58 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:43 AM – 07:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:57 AM – 09:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:11 AM – 10:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:26 AM – 11:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:40 AM – 12:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:54 PM – 02:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 PM – 03:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 PM – 04:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:38 PM – 06:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:23 PM – 08:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:09 PM – 09:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:54 PM – 11:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:40 PM – 01:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:26 AM – 03:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:11 AM – 04:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 AM – 06:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle