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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-03-07

न्यूयॉर्क पंचांग — 7 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, शतभिषा नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 04:29 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 10:05 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसिद्धतक 04:36 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 03:57 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:21 AM
सूर्यास्त05:54 PM
चन्द्रोदय05:58 AM
चन्द्रास्त05:21 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:45 AM – 05:33 AM
अमृत काल02:41 PM – 04:25 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:27 PM – 05:54 PM
गुलिक काल03:00 PM – 04:27 PM
यमगण्ड12:07 PM – 01:34 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:21 PM – 05:07 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:21 AM – 07:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:47 AM – 09:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 AM – 10:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 AM – 12:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:07 PM – 01:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:34 PM – 03:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:00 PM – 04:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 PM – 05:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:54 PM – 07:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:27 PM – 09:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:00 PM – 10:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:34 PM – 12:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:07 AM – 01:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:40 AM – 03:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:14 AM – 04:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:47 AM – 06:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle