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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-03-08

न्यूयॉर्क पंचांग — 8 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 05:11 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 11:28 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 04:13 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 04:54 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय06:19 AM
चन्द्रास्त06:24 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM – 05:31 AM
अमृत काल03:21 PM – 05:02 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:46 AM – 09:13 AM
गुलिक काल01:34 PM – 03:01 PM
यमगण्ड10:40 AM – 12:07 PM
वर्ज्यम्05:13 AM – 06:54 AM
अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:49 PM – 03:35 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:19 AM – 07:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:46 AM – 09:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:13 AM – 10:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:40 AM – 12:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:07 PM – 01:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:34 PM – 03:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:01 PM – 04:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:28 PM – 05:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:55 PM – 07:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:28 PM – 09:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:01 PM – 10:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:34 PM – 12:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:07 AM – 01:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:40 AM – 03:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:13 AM – 04:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:46 AM – 06:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle