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VedicSpaceपंचांगन्यूयॉर्क › 2027-05-02

न्यूयॉर्क पंचांग — 2 मई 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना न्यूयॉर्क (40.7128°, -74.006°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 10:22 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 3तक 05:10 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 08:59 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 10:22 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त07:53 PM
चन्द्रोदय03:46 AM
चन्द्रास्त03:59 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:17 AM – 05:05 AM
अमृत काल08:39 AM – 10:20 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:08 PM – 07:53 PM
गुलिक काल04:23 PM – 06:08 PM
यमगण्ड12:53 PM – 02:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त06:01 PM – 06:57 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:53 AM – 07:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:38 AM – 09:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:23 AM – 11:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:08 AM – 12:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:53 PM – 02:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:38 PM – 04:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:23 PM – 06:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:08 PM – 07:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:53 PM – 09:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:08 PM – 10:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:23 PM – 11:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:38 PM – 12:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 AM – 02:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:08 AM – 03:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:23 AM – 04:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:38 AM – 05:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle