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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-11-06

प्रयागराज पंचांग — 6 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 10:31 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रहस्त · पाद 1तक 04:43 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगविष्कुम्भतक 04:10 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 10:31 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:13 AM
सूर्यास्त05:19 PM
चन्द्रोदय03:24 AM
चन्द्रास्त03:14 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:23 AM – 12:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:37 AM – 05:25 AM
अमृत काल10:44 PM – 12:23 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:22 AM – 11:46 AM
गुलिक काल07:36 AM – 08:59 AM
यमगण्ड02:32 PM – 03:55 PM
वर्ज्यम्01:13 PM – 02:53 PM
दुर्मुहूर्त10:39 AM – 11:23 AM
दुर्मुहूर्त01:37 PM – 02:21 PM

दिन चौघड़िया

चर06:13 AM – 07:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:36 AM – 08:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:59 AM – 10:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:22 AM – 11:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:46 AM – 01:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:09 PM – 02:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:32 PM – 03:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:55 PM – 05:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:19 PM – 06:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:55 PM – 08:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:32 PM – 10:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:09 PM – 11:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:46 PM – 01:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:22 AM – 02:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:59 AM – 04:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:36 AM – 06:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle