VedicSpace › पंचांग › प्रयागराज › 2026-11-07
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 10:48 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | चित्रा · पाद 1 | तक 05:52 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | प्रीति | तक 03:27 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 10:48 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:14 AM |
| सूर्यास्त | 05:18 PM |
| चन्द्रोदय | 04:20 AM |
| चन्द्रास्त | 03:47 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:23 AM – 12:08 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:38 AM – 05:26 AM |
| अमृत काल | 11:24 PM – 01:04 AM |
| राहु काल | 09:00 AM – 10:23 AM |
| गुलिक काल | 06:14 AM – 07:37 AM |
| यमगण्ड | 01:09 PM – 02:32 PM |
| वर्ज्यम् | 01:20 PM – 03:00 PM |
| दुर्मुहूर्त | 09:11 AM – 09:55 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:36 PM – 02:20 PM |
| काल | 06:14 AM – 07:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:37 AM – 09:00 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:00 AM – 10:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:23 AM – 11:46 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:46 AM – 01:09 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:09 PM – 02:32 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:32 PM – 03:55 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:55 PM – 05:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:18 PM – 06:55 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:55 PM – 08:32 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:32 PM – 10:09 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:09 PM – 11:46 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:46 PM – 01:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:23 AM – 03:00 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:00 AM – 04:37 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:37 AM – 06:14 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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