VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2026-12-06

प्रयागराज पंचांग — 6 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 02:22 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 01:38 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 07:41 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त05:12 PM
चन्द्रोदय04:07 AM
चन्द्रास्त02:59 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:59 AM – 05:47 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:52 PM – 05:12 PM
गुलिक काल02:32 PM – 03:52 PM
यमगण्ड11:53 AM – 01:13 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:47 PM – 04:29 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:35 AM – 07:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:54 AM – 09:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 AM – 10:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:33 AM – 11:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:53 AM – 01:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:13 PM – 02:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:32 PM – 03:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:52 PM – 05:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:12 PM – 06:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:52 PM – 08:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:32 PM – 10:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:13 PM – 11:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:53 PM – 01:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:33 AM – 03:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:14 AM – 04:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:54 AM – 06:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle