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VedicSpaceपंचांगप्रयागराज › 2027-04-06

प्रयागराज पंचांग — 6 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (25.4358°, 81.8463°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना प्रयागराज (25.4358°, 81.8463°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 05:21 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 2तक 06:23 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगब्रह्मतक 08:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणचतुष्पादतक 05:35 PMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त06:21 PM
चन्द्रोदय05:09 AM
चन्द्रास्त05:48 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:13 AM – 05:01 AM
अमृत काल01:18 PM – 02:56 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:13 PM – 04:47 PM
गुलिक काल12:05 PM – 01:39 PM
यमगण्ड08:57 AM – 10:31 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:49 AM – 11:39 AM
दुर्मुहूर्त02:10 PM – 03:00 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:49 AM – 07:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:23 AM – 08:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:57 AM – 10:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:31 AM – 12:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:05 PM – 01:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:39 PM – 03:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:13 PM – 04:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:47 PM – 06:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:21 PM – 07:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:47 PM – 09:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:13 PM – 10:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:39 PM – 12:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:05 AM – 01:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:31 AM – 02:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:57 AM – 04:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:23 AM – 05:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle