VedicSpace › पंचांग › पुरी › 2026-09-12
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा | तक 07:46 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 3 | तक 12:55 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | शुभ | तक 03:09 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 07:46 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:33 AM |
| सूर्यास्त | 05:53 PM |
| चन्द्रोदय | 06:28 AM |
| चन्द्रास्त | 06:30 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:18 AM – 12:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:57 AM – 04:45 AM |
| अमृत काल | 05:19 AM – 06:54 AM |
| राहु काल | 08:38 AM – 10:10 AM |
| गुलिक काल | 05:33 AM – 07:05 AM |
| यमगण्ड | 01:15 PM – 02:48 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:50 AM – 09:39 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:46 PM – 02:35 PM |
| काल | 05:33 AM – 07:05 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:05 AM – 08:38 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:38 AM – 10:10 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:10 AM – 11:43 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:43 AM – 01:15 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:15 PM – 02:48 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:48 PM – 04:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:20 PM – 05:53 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:53 PM – 07:20 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:20 PM – 08:48 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:48 PM – 10:15 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:15 PM – 11:43 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:43 PM – 01:10 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:10 AM – 02:38 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:38 AM – 04:05 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:05 AM – 05:33 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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