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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-11-12

रांची पंचांग — 12 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 06:09 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 02:19 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 04:26 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:09 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:00 AM
सूर्यास्त05:05 PM
चन्द्रोदय08:42 AM
चन्द्रास्त07:10 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:10 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:24 AM – 05:12 AM
अमृत काल04:29 AM – 06:16 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:55 PM – 02:18 PM
गुलिक काल08:46 AM – 10:09 AM
यमगण्ड06:00 AM – 07:23 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:39 PM – 01:23 PM
दुर्मुहूर्त03:36 PM – 04:20 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:00 AM – 07:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:23 AM – 08:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:46 AM – 10:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:09 AM – 11:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:32 AM – 12:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:55 PM – 02:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:18 PM – 03:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:41 PM – 05:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:05 PM – 06:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:41 PM – 08:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:18 PM – 09:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:55 PM – 11:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:32 PM – 01:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:09 AM – 02:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 AM – 04:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:23 AM – 06:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle