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VedicSpaceपंचांगरांची › 2027-05-06

रांची पंचांग — 6 मई 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 04:28 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 01:18 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगआयुष्मान्तक 11:47 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणनागतक 04:28 PMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:12 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय04:44 AM
चन्द्रास्त06:18 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:19 AM – 12:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:36 AM – 04:24 AM
अमृत काल07:57 PM – 09:28 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:23 PM – 03:02 PM
गुलिक काल08:28 AM – 10:07 AM
यमगण्ड05:12 AM – 06:50 AM
वर्ज्यम्10:51 AM – 12:22 PM
दुर्मुहूर्त01:04 PM – 01:56 PM
दुर्मुहूर्त04:34 PM – 05:26 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:12 AM – 06:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:50 AM – 08:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:28 AM – 10:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:07 AM – 11:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:45 AM – 01:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:23 PM – 03:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:02 PM – 04:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:40 PM – 06:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:19 PM – 07:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:40 PM – 09:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:02 PM – 10:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:23 PM – 11:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:45 PM – 01:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:07 AM – 02:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:28 AM – 03:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:50 AM – 05:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle