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VedicSpaceपंचांगरांची › 2027-05-07

रांची पंचांग — 7 मई 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शुक्रवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 02:14 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 11:42 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसौभाग्यतक 08:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 02:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:12 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय05:31 AM
चन्द्रास्त07:24 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:19 AM – 12:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:36 AM – 04:24 AM
अमृत काल08:40 PM – 10:09 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:07 AM – 11:45 AM
गुलिक काल06:50 AM – 08:28 AM
यमगण्ड03:02 PM – 04:40 PM
वर्ज्यम्11:43 AM – 01:12 PM
दुर्मुहूर्त10:26 AM – 11:19 AM
दुर्मुहूर्त01:56 PM – 02:49 PM

दिन चौघड़िया

चर05:12 AM – 06:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:50 AM – 08:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:28 AM – 10:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:07 AM – 11:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:45 AM – 01:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:23 PM – 03:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:02 PM – 04:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:40 PM – 06:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:19 PM – 07:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:40 PM – 09:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:02 PM – 10:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:23 PM – 11:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:45 PM – 01:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:07 AM – 02:28 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:28 AM – 03:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:50 AM – 05:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle