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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-07-30

ऋषिकेश पंचांग — 30 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र · गुरुवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 09:30 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 05:43 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 12:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय07:53 PM
चन्द्रास्त05:54 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:50 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल06:01 AM – 07:45 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:05 PM – 03:47 PM
गुलिक काल08:58 AM – 10:40 AM
यमगण्ड05:34 AM – 07:16 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:44 PM – 02:39 PM
दुर्मुहूर्त05:22 PM – 06:17 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:34 AM – 07:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:16 AM – 08:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:58 AM – 10:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:40 AM – 12:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 PM – 02:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:05 PM – 03:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:47 PM – 05:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:29 PM – 07:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:12 PM – 08:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:29 PM – 09:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:47 PM – 11:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:05 PM – 12:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:23 AM – 01:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:40 AM – 02:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:58 AM – 04:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:16 AM – 05:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle